Your Ad Here

Tuesday, April 27, 2010

{ POEM } सदा रब से मांगी है खुशियाँ तुम्हारी..


सदा रब से मांगी है खुशियाँ तुम्हारी
सदा खुश रहो ये दुआ है हमारी
अगर तेरे जीवन में गम कोई आये
तो गम सारे मेरे हो
मेरी सारी खुशियाँ तुम्हारी !
कभी तेरे पावों में जो कांटे चुभें तो
काटें तेरे हो तो पीडा हमारी
सदा रब से मांगी है खुशियाँ तुम्हारी
सदा खुश रहो ये दुआ है हमारी !
कभी तेरे पलकों में आंशु जो आयें
अगर आंशु तेरे हो तो आँखें हमारी
सदा रब से मांगी है खुशियाँ तुम्हारी
सदा खुश रहो ये दुआ है हमारी

No comments: